Breakup Shayri
दोस्तों आज इस पोस्ट के जरिए अपने जिदंगी और अटीट्यूड के उपर बहुत ही अच्छी अच्छी शायरी लिखा हु।
इस लिए इस पोस्ट ना नाम Breakup Shayri रखा गया है।
इस पोस्ट में आपको बहुत अच्छी आत्तिट्यूड वाला शयरिया भी बिल्कुल मुफ्त में पढ़ने को मिलेंगी। दोस्तो आशा करता हूं कि आप मेरा पुराने पोस्ट पढ़कर बहुत ही आनन्द ले रहे होंगे।
इतना पागलपन भी अच्छा नहीं दोस्त इश्क में,
उसकी चालाकियों को तुम मोहब्बत समझ बैठो,
इतना पागलपन भी अच्छा नहीं दोस्त इश्क में,
उसकी चालाकियों को तुम मोहब्बत समझ बैठो,
और वो तुम्हे बाबू, सोना, लाला कहके बुलाए,
और तुम उसे अपने बच्चो को मम्मी समझ बैठो।
मां के बारे मे कुछ लिखूं तो क्या लिखूं यारो,
मां तो खुद मे ही एक भगवान माना जाता है,
मां के बारे मे कुछ लिखूं तो क्या लिखूं यारो,
मां तो खुद मे ही एक भगवान माना जाता है,
और जो नहीं जानता मां की ममता इस दुनिया मे,
वो इस दुनिया मे सबसे बड़ा अनजान माना जाता है,
जिदंगी क्या है कभी दो पल मां के बिना जिकर तो देखो यारो,
मां के बिना ये जहान, जहान नहीं समसान माना जाता है।
ये क्या नजाकत है उसकी और क्या उसकी तिरछी निगाहें है,
अरे उनसे जाके बोल दो पर्दा हटाए उनसे मिलने फरिश्ते आए हैं,
ये क्या नजाकत है उसकी और क्या उसकी तिरछी निगाहें है,
अरे उनसे जाके बोल दो पर्दा हटाए उनसे मिलने फरिश्ते आए हैं,
और पूरी जिदंगी बर्बाद करदी जिसे अपना बनाने में,
आज भरी महफिल में उन्होंने मुझे गैर बताए हैं।
क्या बताऊं मेरे सर पर आज कैसा भूत सवार हुआ है,
हां ये सच है मुझे एक बेवफा से प्यार हुआ है,
क्या बताऊं मेरे सर पर आज कैसा भूत सवार हुआ है,
हां ये सच है मुझे एक बेवफा से प्यार हुआ है,
किसीने कहा तुम्हारे आंखो मे लाल लाल धारियां कैसी,
दारू पीकर आए हो या तुम्हारा भी जीना दुश्वार हुआ है।
मै अब अपनी जान किसको बताऊं,
मै अब अपनी जान किसपे लुटावू,
मै अब अपनी जान किसको बताऊं,
मै अब अपनी जान किसपे लुटावू,
किससे अपनी दर्द बयां करू,
किससे अपनी हाल दिखाऊं,
और ये लोग कह रहे हैं, अभी तेरी जिंदगानी बाकी है दिल लगा ले,
ये खुदा अब तू बता मै जीऊं या मर जाऊं।
उसकी हाथो पर मेरा चाहत का अब भी बसेरा है,
अंगूठी किसी और का सही कंगन मेरा है,
अरे कैसे कहदू की वो खुश है मेरे बिन,
जो आंखे कभी जुग्नुवो सी रोशन थी,
आज उन आंखो पर बस अंधेरा है।
वो कहे तो जी जाऊं, वो कहे तो मर जाऊं,
इतनी मोहब्बत से ना रोक मुझे, चलते चलते ना गिर जाऊं,
वो कहे तो जी जाऊं, वो कहे तो मर जाऊं,
इतनी मोहब्बत से ना रोक मुझे, चलते चलते ना गिर जाऊं,
इधर जाऊं उधर जाऊं जाने किधर किधर जाऊं,
आंखो से करले कुछ घुस्ताखिया,
फिर उन्ही गलियों से तेरे दिल की सहर जाऊं।
इश्क़ नहीं था तो जता दिया होता,
कुछ कमी थी तो बता दिया होता,
इश्क़ नहीं था तो जता दिया होता,
कुछ कमी थी तो बता दिया होता,
तेरी चाहत में तो मै कोयले से कोहिनूर हो जाता,
जाते जाते ही सही मगर मुस्करा दिया होता।
संग उसके जाता हूं मैं,
बिन उसके बिखर जाता हूं मैं
संग उसके जाता हूं मैं,
बिन उसके बिखर जाता हूं मैं,
ये तेरी कैसी कयामत है खुदा,
सिर्फ वही नजर आती है,जिधर जाता हूं मैं,
कुछ तो फरेब है उन निगाहों में,
जब जब देखता हूं तो समहर जाता हूं मैं।
टूटी द्रक्त कौन संभालता है,
अकेला सक्स ही परिंदे पालता है,
टूटी द्रक्त कौन संभालता है,
अकेला सक्स ही परिंदे पालता है,
वक्त रहते उसकी कद्र कर ये दिल,
जो अपने वक्त से तेरे लिए वक्त निकलता है।
यू तो बहुत हसीन चेहरे है इस दुनिया में,
मगर फिर क्यू उसी चेहरे पर मर जाता हूं मैं,
यू तो बहुत हसीन चेहरे है इस दुनिया में,
मगर फिर क्यू उसी चेहरे पर मर जाता हूं मैं,
एक उम्मीद सायद अब भी जिंदा है उससे मिलने की,
शायद इसी लिए उसके घर जाता हूं मैं।
हम तो सायार है साहब, जमाना हमे याद रखेगा,
मरने से पहले रखेगा, मरने के बाद रखेगा,
हम तो सायार है साहब, जमाना हमे याद रखेगा,
मरने से पहले रखेगा, मरने के बाद रखेगा,
मै खुश हूं वो मेरे दर्द को शायर समझती है,
जो कुछ नहीं समझी वो कुछ तो समझती है।
मुझसे भी अब जलने लगी हो तुम,
किसी गैर की निगाहों से सवलने लगी हो तुम,
मुझसे भी अब जलने लगी हो तुम,
किसी गैर की निगाहों से सवलने लगी हो तुम,
बात बात पर तुम्हे तो ब्लॉक करना नहीं आता था जां,
लगता है शैलेंद्र की बातों पर चलने लगी हो तुम।

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