Shayri on life
दोस्तों आज इस पोस्ट के जरिए अपने जिदंगी और अटीट्यूड के उपर बहुत ही अच्छी अच्छी शायरी लिखा हु।
इस लिए इस पोस्ट ना नाम Shayri On Life रखा गया है।
इस पोस्ट में आपको बहुत अच्छी आत्तिट्यूड वाला शयरिया भी बिल्कुल मुफ्त में पढ़ने को मिलेंगी। दोस्तो आशा करता हूं कि आप मेरा पुराने पोस्ट पढ़कर बहुत ही आनन्द ले रहे होंगे।
तू मेरा साथ रह , तेरा दूर जाना अखरता है,
रेत को साहिल पर नए महजो का आना खलता है,
तू मेरा साथ रह , तेरा दूर जाना अखरता है,
रेत को साहिल पर नए महजो का आना खलता है,
मै तेरे साथ भी रहूं और गैर भी करदू,
अये दोस्त ये तू कैसी बातें करता है।
सांप को घी खिलाओं, या पिलाओं दूध वो सांप ही रहेगा,
सांप को घी खिलाओं, या पिलाओं दूध वो सांप ही रहेगा,
और लगता है मुझे फिरसे उठना पड़ेगा,
क्यू कि मेरे बेटे तू सायाद भूल गया है,
बाप तो बाप ही रहेगा।
तू बन्द कर जा मेरे दिल का दरवाज़ा,
मै किसी और को उसकी तली नहीं दूंगा,
तू बन्द कर जा मेरे दिल का दरवाज़ा,
मै किसी और को उसकी तली नहीं दूंगा,
अगर तू उसके साथ खुश हैं तो बेशक मुझे छोड़ दे,
मै भरी महफ़िल में कभी तुझे गाली नहीं दूंगा।
वक्त बुरा है, उड़ रहे हो, अगर उड़ा तो नरक देखा दूंगा,
वक्त बुरा है, उड़ रहे हो, अगर उड़ा तो नरक देखा दूंगा,
अभी तो सिर्फ कलम उठाए हैं पसीने छूट गए,
अगर हाथ उठ गए तो बाप बेटे मे फरक देखा दूंगा।
तूझे बेशुमार चाहना, बस इतनी सी गलती हमारी है,
तूझे बेशुमार चाहना, बस इतनी सी गलती हमारी है,
कब तक रोऊ अब तेरी याद में,
अब बहुत हो चुका , अब तो रुलाने की पारी है।
जब जब आंखे बन्द करू तेरा चेहरा हर बार नजर आता है,
और नज़ाने क्यू तेरी नफरत मे मुझे प्यार नजर आता है,
जब जब आंखे बन्द करू तेरा चेहरा हर बार नजर आता है,
और नज़ाने क्यू तेरी नफरत मे मुझे प्यार नजर आता है,
ये जानता हूं, की तू मेरा है नहीं, मगर जब जब मांगू मै रब से दुआ,
पता नहीं क्यू, दुआ मे बस तेरा नाम निकल जाता है।
तेरी रूह से मेरा प्यार कुछ इस कदर बढ़ गया,
तेरी रूह से मेरा प्यार कुछ इस कदर बढ़ गया,
मै चढ़ता रहा किताब पर कवर और पूरी किताब कोई और पढ़ गया।
क्या छाए मुझ पर गमो के बादल है,
एक लडकी जो किसी और का दीवानी है,
तेरा भाई उसके पीछे पागल है।
लड़को का क्या है वो तो हर लड़की पर मरते हैं,
लड़को का क्या है वो तो हर लड़की पर मरते हैं,
रूह से मोहब्बत की बात तो छोड़ दे तो जिस्म से झूठी मोहब्बत करते हैं।
अभी तो आग सुलगाई है इश्क की,
हाथो को जरा सेका नहीं है,
अभी तो आग सुलगाई है इश्क की,
हाथो को जरा सेका नहीं है,
और तुम बात करते हो जिस्म की ,
मैंने तो तेरा चेहरा नजर भर के देखा नहीं है।
चलना आता था मुझे गिरना तुमने सीखा दिया,
चलना आता था मुझे गिरना तुमने सीखा दिया,
मै तो बस ख्वाब ही बुना करता था, हकीकत से तुमने वाकिफ करा दिया।
उमर छोटी है तो क्या हुआ, जीवन का हर एक मंज़र देखा है,
उमर छोटी है तो क्या हुआ, जीवन का हर एक मंज़र देखा है,
फरेबी मुस्कराहट के साथ बगल मे छुपा खांजर देखा है।
तेरे नाम कि पतंग हमने भी बहुत उड़ाई है,
अपनी छत से लेकर तेरे घर तक पहुंचाई है,
तेरे नाम कि पतंग हमने भी बहुत उड़ाई है,
अपनी छत से लेकर तेरे घर तक पहुंचाई है,
लेकिन वो बड़ा रंगीन दौड़ निकला,
पतंग हमने उड़ाई और संभालने वाला कोई और निकला।
उस पुराने पीपल की छाव लेने मै गाव जा रहा हूं,
जलदी बहुत है इसलिए नंगे पाव जा रहा हूं,
उस पुराने पीपल की छाव लेने मै गाव जा रहा हूं,
जलदी बहुत है इसलिए नंगे पाव जा रहा हूं,
ये मोटर गाड़ी बंगला ये सब तुम रखलो,
मेरा मां घर पर अकेली है इसलिए गांव जा रहा हूं।

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