Hindi shayri For Love
दोस्तो, आज के आशिको के हालात को देखते हुए,Hindi Shayri For Love, मैंने आज लिखी है। इस पोस्ट में आपको बहुत अच्छी शायरी पढ़ने को मिलेंगी। आशा करता हूं, आप पुराने पोस्ट का भी पढ़कर लाभ उठा ही रहे होंगे।
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| Hindi Shayri For Love |
Heart Touching Shayri In Hindi
भैया हम यूपी से है, जहा भी जाते है ताहेलका मचा के आते हैं,
भैया हम यूपी से है, जहा भी जाते है ताहेलका मचा के आते हैं,
और जब बात आ जाता है इज्जत का, तो अच्छे अच्छे को तमाचा मार के आते है।
छोटी सी उम्र में साथ छूट गया था पापा से,
नाजाने क्यू ऊपर वाला रूठ गया था पापा से,
छोटी सी उम्र में साथ छूट गया था पापा से,
नाजाने क्यू ऊपर वाला रूठ गया था पापा से,
और मै उस उम्र में रिश्ते जोड़ने कि कोशिश कर रहा था,
ना जाने क्यू मेरा रिश्ता टूट गया था पापा से।
शहरों का मंज़र क्या जानूं, साहिल हूं समुंदर क्या जानू,
हिज़्र के गम पर बैठा हूं, जंग में चुभे खंझर क्या जानू।
सफ़र पर निकले हैं, मंज़िल अभी दूर है,
सफ़र पर निकले हैं, मंज़िल अभी दूर है,
देख तुझे अपना बताने का मुझे कितना गुरूर है,
और तू अपना शादी के बाद पति को दिखाएगी,
देख तेरा छतिस्वा आशिक इस जमाने में कितना मशहूर है।
किसको पता, कौन कितना समय तेरी मोहब्बत मे फिसल जाए,
किसको पता, कौन कितना समय तेरी मोहब्बत मे फिसल जाए,
तेरी बातों पर नहीं तेरी अटिट्यूड पर पिघल जाए,
कहीं येसा भी ना हो, तू पत्थर भी ना मार सके,
और तेरे घर के सामने से मेरा जनाजा निकल जाए।
मै उसकी हाथ अपने हाथो मे लेके एक दिल भी बनाता,
पर अफसोस, मोहब्बत ही मुकम्मल नहीं हुई।
इन झरोखों में साए साए ख़तम हो गई है,
मेरे दिल में उसके लिए राय ख़तम हो गई है,
इन झरोखों में साए साए ख़तम हो गई है,
मेरे दिल में उसके लिए राय ख़तम हो गई है,
और उसकी तस्वीर मै फोन मे निहार रहा था,
देखा कि कप में चाय ख़तम हो गई है।
जब तलक बाते होती रही उससे तब तलक दार्शनिक बदलवाया गया मुझे,
जब तलक बाते होती रही उससे तब तलक दार्शनिक बदलवाया गया मुझे,
थोड़ी सी उनकी औकात क्या दिखाई हमने,
रोड छाप आशिक बताया गया मुझे।
चल माना मै बुरा हूं, पर ये जमाना भी ठीक थोड़ी है,
चल माना मै बुरा हूं, पर ये जमाना भी ठीक थोड़ी है,
यार तुम्हारी सर्दियों में रोज़ रोज नहाना भी ठीक थोड़ी है,
जानता हूं तुम्हारे चेहरे पे कत्ल हो जाते है,
बिना दुपट्टे के बालकनी में आना भी ठीक थोड़ी है।
बड़ी खिला खिला सा रहता हूं मैं,
क्यू कि अपने चांद को अपने पास रखता हूं मैं।
सुना है जब मै छोटा था तब अपनों ने नहीं गैरो ने मुझे अपनाया था,
सुना है जब मै छोटा था तब अपनों ने नहीं गैरो ने मुझे अपनाया था,
लखनउ के नबाबो में कहा दम था, हमे तो गोरखपुर वालो ने अपने दिल में बसाया था।
इन आंखो को जब तेरा दीदार हो जाता है,
दिन कोई भी हो तेवहार हो जाता हैं।
फुर्सत मिले तो मुझे पढ़ना जरूर,
नाकाम मोहब्बत की मुकम्मल किताब हूं मैं,
फुर्सत मिले तो मुझे पढ़ना जरूर,
नाकाम मोहब्बत की मुकम्मल किताब हूं मैं,
चल दूर हट भाई अभी तू नहीं जानता मेरे बारे मे,
तू यूनिवर्सिटी की चपरासी और मोहल्ले का नबाब हूं मै।
वो खेल रही थी दिल से मेरे, लेकिन मैंने उसके लिए अपने दिल में ताज महल बनाया,
वो खेल रही थी दिल से मेरे, लेकिन मैंने उसके लिए अपने दिल में ताज महल बनाया,
और जिस दिन छोड़ कर चली गई वो मुझे,
उस दिन मै खुद अपने लिए कब्रिस्तान बनाया।
ख्वाहिश है कि पहुचू मै इश्क की उस मुकाम पर,
जहा तेरी सामना मेरे दीवानगी से हो।
डूबती हुई कस्ती को किसी ने बचाया नहीं,
डूबती हुई कस्ती को किसी ने बचाया नहीं,
हम मोहब्बत मे बर्बाद होते रहे पर किसी ने बताया नहीं,
और एक दिन आई थी वो ख्वाबों में,
हम सोते रह गए पर हमे किसी ने जगाया नहीं।
जब किसी को चाहो तो ये उम्मीद मत करो कि वो भी तुम्हे चाहे,
जब किसी को चाहो तो ये उम्मीद मत करो कि वो भी तुम्हे चाहे,
कोशिश करो तुम्हारा चाहत येसी हो की उसे तुम्हारी चाहत के अलावा किसी और कि आशिक़ी पसंद ना आए।
जिदंगी नहीं हमे भाई से प्यारी ,
भाई पे हाज़िर है जान हमारी,
जिदंगी नहीं हमे भाई से प्यारी ,
भाई पे हाज़िर है जान हमारी,
आंखो मे हमारे आंसू है तो क्या,
भाई जान से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी।
आंखो मे आंसुओ की लकीर बन गई,
ना जाने कैसी तकदीर बन गई,
आंखो मे आंसुओ की लकीर बन गई,
ना जाने कैसी तकदीर बन गई,
हमने तो फिर थी रेत पर उंगली,
जालिम पीछे मुड़कर देखा तो तेरी तस्वीर बन गई।
प्रखता रहा उमर भर ताकत दवाओं की,
तंग रह गया देखकर मां की दुवाओं की।

1 टिप्पणियाँ
Nice line yr
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